BY MY PEN

घर!!

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चलो एक घर बनाते है
प्रेम की श्कल मे ईंटो को जोड़
दीवारो को आसमानी रंगों से सजाते है
चलो एक घर बनाते है।।

चलो एक घर बनाते है,
धरती की रेखाओं से कही दूर बनाते है।
जिस्म और झूठ के फरेब को छोड़
रूह और राब्ता की रोशनी से उसे जगमगाते है
चलो एक घर बनाते है।।

चलो एक घर बनाते है
तुम्हारी मेरी कहानियों से नही
हमारे किस्सो से उसे खिलखिलाते है
चलो एक घर बनाते है।।

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